परिचय

परिचय

मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम को राज्य शासन के उपक्रम के रूप में वर्ष 1961 में स्थापित किया गया।  अपनी स्थापना से निगम लगातार प्रगति करते हुए कंपनी के उद्देश्यों एवं शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है। 
 
वर्ष 1978 में निगम को विभिन्न सामग्रियों के दर अनुबंध के विरुद्ध शासकीय  क्रय  माध्यम से  प्रदेश के लघु उद्योगों को विपणन सुविधा प्रदान किये जाने का कार्य सौंपा गया।  
 
विगत 6 दशकों से निगम सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का मध्य प्रदेश में  विकास  को बढ़ावा देता आ रहा है एवं बहु-आयामी गतिविधियों, जैसे कि औधोगिक क्षेत्र का विकास , निर्माण एवं रख रखाव , प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिपियों को प्रसिद्ध मृगनयनी एम्पोिरियम  के  माध्यम से व्यवसाय सुविधा , सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को लौह /इस्पात एवं कोयला  प्रदाय तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की परिक्षण सुविधा , का संचालन  कर रहा है। 
 
MPLUN ने अपनी गतिविधियों में विविधता, विस्तार और वृद्धि की है - सभी का उद्देश्य मप्र के एसएसआई क्षेत्र को प्रोत्साहित करना, विकसित करना और बनाए रखना है - चाहे वह बुनियादी ढाँचा विकास हो, कच्चे माल की आपूर्ति हो या मप्र के एसएसआई सेक्टर, बुनकरों या कारीगरों के तैयार उत्पादों की मार्केटिंग हो, LUN के पास यह सब है! कोई आश्चर्य नहीं कि MPLUN मध्य प्रदेश में लघु उद्योगों की जीवन रेखा बन गया है।
 
आज यह 250 से अधिक प्रतिबद्ध और समर्पित कार्यबल जिसमे प्रबंधन, वित्त, इंजीनियरिंग, कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर के क्षेत्रों से पेशेवरों की एक टीम शामिल  है , की  रु. 1,000 करोड़ कंपनी के रूप में स्थापित है। 
 
दृष्टि 
विभिन्न विकास आदानों के माध्यम से बुनकर और कारीगरों सहित सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विकास को बढ़ावा देने और गतिशीलता प्रदान करना तथा , सरकार को गुणवत्ता के प्रति सजग विक्रेता प्रदान करते हुए  उत्पादों की कुशल खरीद सुनिश्चित करना।  
 
मिशन
• एक आदर्श विपणन और सार्वजनिक खरीद संगठन के रूप में कार्य करते हुए उचित मूल्य पर गुणवत्ता के वस्तुओं  और सेवाओं के प्रदाय हेतु प्रतिबद्ध और राज्य के लघु उद्योग को विकसित करना और बढ़ावा देना।
• उन्नत गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाओं की स्थापना और विस्तार ।
• नवीनतम तकनीकी उपलब्धि के साथ तालमेल करते हुए  उन्हें कार्य प्रणाली में उचित रूप से शामिल करना।
• राज्य के बुनकरों और कारीगरों के विकास के लिए सुविधा के रूप में कार्य करना।
• मप्र के एसएसआई को कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए एक एजेंसी के रूप में कार्य करना।
 
उद्देश्य
• मप्र के एसएसआई को कच्चा माल उपलब्ध कराना ताकि प्रतिस्पर्धी बाजारों के लिए अपने उत्पादों को विकसित करने में उनकी मदद की जा  सके।
• निगम  को एक विपणन और क्रय संगठन के रूप में विकसित करना एवं इसमें  ई-गवर्नेंस की शुरुआत करना।
• उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी सेवाओं को एसएसआई को उपलब्ध कराना।
• राज्य के लघु उद्योग / लघु उद्योगों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहुंच को बढ़ावा देना और प्रदान करना।
• सरकार / अर्ध सरकारी विभाग / निकाय के लिए गुणवत्ता पूर्ण के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना।